चंडीगढ़ प्रदेश प्रधान बोले- फ्री बिजली और महिलाओं को एक हजार न देना पड़े, इसलिए हाय-तौबा मचा रहे

59
Quiz banner

The state head said – free electricity and women should not have to pay one thousand, so they are creating a ruckus

भाजपा के प्रदेश प्रधान विधायक अश्वनी शर्मा।

चंडीगढ़ के मुद्दे पर भाजपा ने पंजाब की CM भगवंत मान सरकार को घेरा। विधानसभा में चंडीगढ़ पंजाब को देने के हक में प्रस्ताव के बाद पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा जमकर बरसे। शर्मा ने कहा कि आजकल रिवाज ही चल पड़ा है कि अपनी नाकामी छुपानी हो तो केंद्र पर हाय-तौबा मचानी शुरू कर दो। ऐसा ही मंजर आज पंजाब विधानसभा में देखने को मिला।

उन्होंने कहा कि आज 1 अप्रैल था। पंजाब की बहनें 1-1 हजार अकाउंट में आने का इंतजार कर रही थी। 300 यूनिट फ्री बिजली मिलनी शुरू होनी थी। यह सब न करना पड़े, इसलिए स्पेशल सेशन बुलाकर लोगों का ध्यान भटकाया गया। हमारा पहले दिन से स्टैंड है कि चंडीगढ़ पंजाब का है।

भाजपा ने पूछा – सेंट्रल रूल से कौन से नियम का उल्लंघन हुआ?
भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि मान सरकार बताए कि सेंट्रल सर्विस रूल्स लागू करने से पंजाब पुनर्गठन एक्ट की किस धारा का उल्लंघन हुआ?। उन्होंने विधायक होने के नाते भी विधानसभा में पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

2 बार सेंट्रल रूल्स लागू हुआ तो पंजाब का हक कहां कमजोर हुआ
शर्मा ने कहा कि केंद्र के सर्विस रूल 25 साल चंडीगढ़ में लागू रहे। एक नंबर 1966 से 31 दिसंबर 1985 तक सेंटर यह लागू रहे। 1 जनवरी 1986 से लेकर 31 मार्च 1991 तक सर्विस रूल के साथ सेंटर पे स्केल लागू रहा। उस वक्त पंजाब के दावे को कोई फर्क नहीं पड़ा। अब अगर केंद्र का पे स्केल पंजाब से ज्यादा हो गया तो कर्मचारियों ने इसकी मांग की। केंद्र ने वह मांग पूरी कर दी। पहले जब नियम लागू हुआ तो पंजाब का हक कहां कमजोर हुआ?।

चर्चा इस बात पर होती कि चंडीगढ़ के कर्मचारियों ने केंद्रीय रूल्स क्यों मांगे?
शर्मा ने कहा कि विधानसभा में चर्चा तो इस बात पर होनी चाहिए थी कि पंजाब सरकार के पे स्केल और सर्विस रूल में ऐसी क्या बात हुई कि चंडीगढ़ के कर्मचारियों ने सेंट्रल रूल की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले सेंट्रल सर्विस रूल्स लागू होने पर न तो पंजाब को कोई फर्क पड़ा और न चंडीगढ़ पर दावा घटा।
पंजाब अभी तक 6वें पे कमीशन चल रहा है और केंद्र ने 7वां लागू कर दिया है।

यहां केंद्रीय नियमों में रिटायरमेंट की उम्र 58 से 60 हो गई। चाइल्ड केयर लीव 2 साल की हो गई। उनकी सैलरी भी बढ़ गई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को बताना चाहिए कि अगर कर्मचारियों की सैलरी बढ़ती है तो क्या उन्हें इससे कोई एतराज है?

नागपुर के भाषण पर मान को दिया जवाब
CM भगवंत मान ने प्रस्ताव के विरोध पर कहा कि भाजपा वाले नागपुर का भाषण पढ़ रहे हैं। यह लोग पंजाब में रहते हैं और यहीं का खाते-पीते हैं। इसके जवाब में शर्मा ने कहा कि मैं पंजाब से हूं। पठानकोट से विधायक हूं। मैं पंजाब के लिए बोल रहा हूं लेकिन भगवंत मान दिल्ली की भाषा बोल रहे हैं।