बंदी सिखों की रिहाई में गर्वनर ने जताई असमर्थता:मामला भेजा केंद्र सरकार के पास(The governor expressed his inability to release the captive Sikhs: sent the matter to the central government)

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कमेटी के सदस्य राज्यपाल से मिलकर बाहर आते हुए।

पंजाब सहित देश के दूसरे राज्यों की जेलों में बंद ऐसे सिख नौजवान जो कि अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, परंतु उन्हें सरकार द्वारा रिहा नहीं किया गया। इनकी रिहाई की मांग को लेकर हवारा कमेटी के सदस्य एडवोकेट अमर सिंह और गुरचरण सिंह पंजाब राजभवन में पहुंचे। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की बात कही और यह मामला केंद्र सरकार के पास भेज दिया।

The governor expressed his inability to release the captive Sikhs: sent the matter to the central government

एडवोकेट अमर सिंह चहल ने बताया कि चंडीगढ़ की जेल में 8 सिख बंदी बंद है। शमशेर, लखविंद्र और गुरमीत सिंह की सजा भी 120 बी में हुई है। 2016 से लगातार पेरोल पर जा रहे हैं। उन्हें पेराल तभी मिल रही है, जब उनका चाल चलन अच्छा है। गुरमीत, लखविंद, शमशेर सिंह, हर साल पेरोल पर जाते हैं और वापस जाते हैं। 26 साल की सजा काट चुके हैं। पंजाब राजभवन ने कहा कि उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह केस केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। बेंअत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा पर अभी केस चल रहे हैं, उनका मामला पेचीदा है। सुप्रीम कोर्ट में अभी केस पेंडिंग है। सरकार का तर्क है कि सजा कम हुई और फांसी की सजा होनी चाहिए। परंतु बचाव पक्ष ने बरी की अपील की। दिल्ली बम बलास्ट के दोषी दलविंद्र पाल सिंह भुल्लर का केस दिल्ली में हैं, उनकी सजा भी पूरी हो चुकी हैं, परंतु मामला दिल्ली सरकार के पास है। उनके गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश उत्सव पर रिहाई की बात सुनी थी। मनजिंद्र सिंह बिट्‌टा ने सुप्रीम कोर्ट ने रिट की थी, परंतु वह खारिज हो चुकी है। कागजी कारवाई पूरी हो चुकी है। एडवोकेट चहल ने बताया कि दिल्ली गृह मंत्रालय में जाएंगे। सरकार सू मोटो पर भी उन्हें छोड़ सकती है। सरकार को खुद फैसला लेना चाहिए।

कमेटी के सदस्य गुरचरण सिंह ने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए 11 जनवरी को फतेहगढ़ से चंडीगढ़ तक मार्च निकाला था। राज्यपाल को कस्टडी रिपोर्ट जेलों से लेकर राजभवन को भेज दी थी। 8 दिनों की मेहनत के बाद एप्वाइंटमेंट मिली थी। यह केस यूटी का है, हमनें फाइल केंद्र सरकार के पास भेज दी है। पंजाब से बाहर देवेंद्र पाल भुल्लर का दिल्ली का केस है और गुरदीप सिंह खैडा का कर्नाटक का केस है। हमें अफसोस है कि राज्यपाल आज कह रहे हैं कि अधिकार क्षेत्र में नहीं है।